कुछ तो हमारी भाईगिरी के अंदाज़ से जल जाते हैं।
दोस्ती में एटिटूड एक दूसरे के लिए प्यार है,
सच्ची दोस्ती किसी खजाने से कम नहीं होती,
“दोस्त आदाब नहीं, पहले कॉफी फिर असलियत।”
वो दोस्त ज़ख्मों की सबसे प्यारी दवा है।
“तेरी दोस्ती फूलों सी महकती, हर लम्हा दिल को भाती।”
गीता में मित्रता को सत्य, धर्म और स्वार्थ रहित सहयोग के आधार पर परिभाषित किया गया है। सच्चा मित्र हमेशा सही मार्ग पर साथ देता है।
टूटी दोस्तियाँ दिल को वही दर्द देती हैं जो बिछड़ते रिश्ते देते हैं। यहाँ पाएं सैड दोस्ती शायरी, जो दोस्तों की दूरी, ग़लतफ़हमियों और छूटी महफ़िलों का गहरा सन्नाटा बयान करती है। हर पंक्ति में होगा आँखों के कोने में ठहर गया आँसू और उन यादों की हल्की-सी कसक।
हमें कोई ग़म नहीं था, ग़म-ए-आशिकी से पहले
“दोस्ती में मतलबी नहीं, मतलबदार मित्र चाहिए।”
तू मेरा जिगरी यार Dosti Shayari है, हर मुश्किल में साथ है,
दोस्ती के नाम पे कभी-कभी झगड़ा भी कर लेते हैं,
कुछ रिश्ते बिछड़ कर फिर कभी नहीं मिलते,
तुम्हारे बिन दिन नहीं गुजरता, ज़िंदगी क्या खाक गुज़रेगी।
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